

सगाई समारोह का परिचय
सगाई समारोह विवाह की पहली आधिकारिक रस्म होती है, जो दो परिवारों के बीच रिश्ते की शुरुआत का प्रतीक है। इस शुभ अवसर पर दूल्हा और दुल्हन अंगूठियों का आदान-प्रदान कर अपने नए सफर की पहली कड़ी जोड़ते हैं। यह न केवल उनके प्रेम और प्रतिबद्धता को दर्शाता है, बल्कि परिवारों के बीच आपसी समझ और सामंजस्य को भी मजबूत करता है। आधुनिक समय में सगाई समारोह पारंपरिक रीति-रिवाजों और आधुनिक उत्सवों का एक सुंदर संगम बन चुका है, जहां खुशियों, संगीत और उत्साह से भरा माहौल होता है।

सगाई में अंगूठी का महत्व
सगाई में अंगूठी का आदान-प्रदान प्रेम, विश्वास और प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह न केवल दूल्हा-दुल्हन के नए जीवन की शुरुआत को दर्शाती है, बल्कि उनके अटूट रिश्ते और एक-दूसरे के प्रति समर्पण का भी संकेत देती है। अंगूठी का गोल आकार अनंत प्रेम और साथ रहने की भावना को दर्शाता है, जो जीवनभर जारी रहती है। यह रस्म दोनों के बीच एक आधिकारिक बंधन स्थापित करती है और उनके रिश्ते को सामाजिक और पारिवारिक मान्यता दिलाती है।

आधुनिक दुनिया में सगाई और अंगूठी का महत्व
आज के दौर में सगाई और अंगूठी सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि प्रेम और प्रतिबद्धता का स्टाइलिश प्रतीक बन चुकी है। जहां पहले अंगूठी सिर्फ एक रस्म होती थी, वहीं अब यह रिश्ते की गहराई और व्यक्तिगत पसंद को दर्शाने लगी है। लोग कस्टम डिज़ाइन, डायमंड और प्लैटिनम रिंग्स को प्राथमिकता देने लगे हैं, जिससे यह न केवल एक भावनात्मक बल्कि एक फैशनेबल एक्सप्रेशन भी बन गया है। सोशल मीडिया और ग्रैंड सेरेमनीज़ ने सगाई को और भी खास बना दिया है, लेकिन इसका मूल भाव—प्रेम, समर्पण और एक नई शुरुआत—आज भी वही है।
